The Literature Times: इस पुस्तक को लिखने की प्रेरणा आपको कहाँ से मिली?
Author: इस किताब की प्रेरणा मुझे अपने आसपास की उन अनकही कहानियों से मिली, जिन्हें महिलाएँ अक्सर मुस्कुराकर अपने भीतर ही दबा लेती हैं। मैं उन भावनाओं को शब्द देना चाहती थी जिन पर अक्सर कोई बात नहीं करता।
The Literature Times: MY ORGASM – एक स्त्री की आत्मिक जागृति शीर्षक चुनने के पीछे आपका क्या उद्देश्य था?
Author: मेरे लिए Orgasm का अर्थ केवल शारीरिक सुख नहीं, बल्कि वह चरम आत्मिक तृप्ति है जो इंसान को प्रेम, सम्मान, अपनापन या आत्मस्वीकृति से मिलती है। यह शीर्षक उसी सोच को चुनौती देने और उसका व्यापक अर्थ सामने लाने के लिए चुना गया।
The Literature Times: क्या इस उपन्यास के कुछ अनुभव आपके व्यक्तिगत जीवन या वास्तविक घटनाओं से प्रेरित हैं?
Author: यह किसी एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि जीवन में देखे, सुने और महसूस किए गए अनेक अनुभवों का संगम है। इसमें मेरी संवेदनाएँ भी हैं और समाज की सच्चाइयाँ भी।
The Literature Times: पुस्तक के माध्यम से आप महिलाओं और पुरुषों—दोनों तक कौन-सा सबसे महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाना चाहती हैं?
Author: मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूँ कि रिश्ते तभी खूबसूरत बनते हैं जब दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को सच में सुनें और समझें। स्त्री को समझना केवल उसका सम्मान करना नहीं, बल्कि उसकी खामोशियों को भी पढ़ना है।
The Literature Times: इस पुस्तक को लिखते समय आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
Author: सबसे बड़ी चुनौती थी इतने संवेदनशील विषय को ईमानदारी से लिखना, बिना उसे सनसनीखेज बनाए। मैं चाहती थी कि हर शब्द पाठकों के दिल तक पहुँचे, केवल उनकी नज़रों तक नहीं।
The Literature Times: क्या आपको लगता है कि भारतीय समाज अब स्त्री के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने के लिए तैयार है?
Author: बदलाव शुरू हो चुका है, लेकिन अभी सफ़र बाकी है। मुझे लगता है कि जितनी खुलकर हम इन विषयों पर बात करेंगे, उतना ही समाज संवेदनशील और स्वस्थ बनेगा।
The Literature Times: पाठकों से अब तक आपको किस प्रकार की प्रतिक्रियाएँ मिली हैं, जिन्होंने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया?
Author: सबसे खूबसूरत प्रतिक्रिया यह रही कि कई पाठकों ने कहा—“यह सिर्फ़ एक किताब नहीं, हमारी अपनी कहानी है।” एक लेखक के लिए इससे बड़ा सम्मान शायद कुछ नहीं होता।
The Literature Times: भविष्य में पाठक आपकी किन नई पुस्तकों या साहित्यिक परियोजनाओं की उम्मीद कर सकते हैं?
Author: मैं आगे भी ऐसे ही विषयों पर लिखना चाहती हूँ जो दिल को छूएँ और सोचने पर मजबूर करें। मेरी कोशिश रहेगी कि हर नई किताब पाठकों को खुद से थोड़ा और करीब ले जाए।